मुंबई और लोकल

मुंबई और लोकल

मुंबई और लोकल

जब मुंबई का नाम लोग सुनते है, लगभग सभी यही सोचते है- मुंबई मतलब बॉलीवुड, कलाकार, एक्टर, और सितारो की दुनिया,पर यहॉ के निवासियों के लिए मुंबई लोकल ही उनका सबकुछ है। वैसे अधिकतर सभी यहॉ अपने सपनों को पूरा करने आते है कुछ कामयाब होते है तो कुछ को ऐसे ही वापस जाना पड़ता है। मुंबई ऐसा शहर है जहॉ हर कोई कामयाब हो सकता है बस लगन और मेहनत होनी चाहिये।

अब शुरुआत करते है मुंबईकर्स की जान 'लोकल ट्रेन' से क्योकि यहॉ के लोगों की जान है मुंबई लोकल, अगर एक दिन लोकल बन्द हो जाये तब पूरी मुंबई ठप हो जाती है वैसे अधिकतर ऐसा बारिशों मे होता है वरना ये हमेशा अपनी रफ्तार पकडी़ रहती है। फिलहाल तो यहॉ के लोगों का अधिकतर समय तो लोकल में ही गुजरता है तभी तो लोग इसकी पूजा भी करते हैं। अभी इसी नवरात्री पर लोकल को फूलों से सजाया था और उसकी पूजा भी की। यही सब बातें मुंबई को और शहरों से अलग बनाती है।

एक बात तो है, यहॉ के लोग होते बडे़ हिम्मती है, यहॉ पर जिन्दगी उतनी सरल नही है जितना आपको देख कर लगता होगा ये तो बस वही समझ सकता है जो यहॉ पर रह रहा है।

मुंबई लोकल मे चढ़ना और उतरना, वैसे उतरने में तो इतनी दिक्कत नही होती, क्योकि लोगों के धक्के मुक्के के साथ आप स्वयं उतर जायेगें, और अगर आप नही भी उतरना चाहेंगे तो भी उतर जायेंगे। ऐसे ही चढ़ने मे, पहले मुझे चढ़ना है के चक्कर सब एक - दूसरे को धक्का देकर चढ़ जाते है और चढ़ने के बाद बैठने की जगह मिल जाये तो मानो जन्नत मिल गयी हो।

मुंबई लोकल मे समय काटना इतना मुश्किल तो नही होता क्योकि रोज आते जाते लोग एक- दूसरे के दोस्त बन जाते है जिसके कारन हसते गाते समय गुजर जाता है, कोई किसी को अपने घर की कहानी सुनाता है तो कोई ऑफिस की, कोई फोन से बात करता है तो कोई गेम खेलता है, कोई गाना सुनता है , तो कोई फेसबुक चला रहा होता है, तो कोई बुक पढ़ रहा होता है, तो वही कोई जगह के लिए लडा़ई कर रहा होता है, कभी- कभी तो इतनी भयानक लडा़ई हो जाती है कि अगले स्टेशन पर पुलिस को आना पड़ता है। उतनी भीड़ मे कोई खाने का सामान बेच रहा है तो कोई पहनने का वैसे इनकी हिम्मत की भी दात देनी पडे़गी इतनी भीड़ मे सामान बेचना किसी जंग लड़ने से कम नहीं है, खैर, कोई जरा सा छूने पर.. च च च च...... कर रहा होता है, तो कुछ मेरे जैसे भी लोग होते है जो यह सब देखकर मुस्कुराते है वैसे एक बात तो है अगर आप अकेले यात्रा कर रहे होगें तब भी आप मनोरंजित होते रहेगें, ऐसे है हमारे मुंबईकर्स।

रात हो या दिन मुंबई हमेशा जागती रहती है मुंबई कभी नहीं रुकती, और अपनी खुली बाहों से सबका स्वागत करती है। ऐसी है "आमची मुंबई "।

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