श्लोका फाउंडेशन इंडिया के फूड लैंडस्केप को बदल देगा-  निधि कुमार

श्लोका फाउंडेशन इंडिया के फूड लैंडस्केप को बदल देगा- निधि कुमार

श्लोका फाउंडेशन इंडिया के फूड लैंडस्केप को बदल देगा- निधि कुमार

‘डीडी न्यूज’ और 'डीडी नेशनल' की लीड एंकर निधि कुमार ने श्लोका फाउंडेशन की मुहिम 'फूड ऐज मेडिसिन’ को सपोर्ट करते हुए कहा कि ये फाउंडेशन इंडिया के फूड लैंडस्केप को बदल देगा।

योगिनी श्लोका ने अपने फाउंडेशन "श्लोका फाउंडेशन" के तहत मुंबई के एसएल रहेजा फोर्टिस हॉस्पिटल में "फूड ऐज मेडिसिन" कैंपेन की शुरुआत की । सद्गुरु के गाइडेंस में तालम हासिल करने वाली , श्लोका एक गहन ईशा हठ योगा टीचर है और साथ ही इन्हे देश की सबसे होनहार क्लासिकल हठ योगा के रूप में भी जाना जाता है, जिनका  उद्देश्य इंडियन्स की फूड हैबिट्स को सुधारना है।

न्यूज एंकर निधि कुमार ने  इस इवेंट का हिस्सा बनकर और इस कैंपेन को सपोर्ट कर इसकी शोभा बढाई। श्लोका के साथ काम करने और उनकी पहल के बारे में बात करते हुए निधि कुमार ने कहा, “श्लोका द्वारा यह कैंपेन कुछ तीन साल पहले शुरू किया गया था। अब हम स्कूलों, फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ  श्लोका फाउंडेशन से असोसिएशन करने की प्लानिंग कर रहे हैं, यह प्रोजेक्ट  'भोग' है। यह प्रोजेक्ट इंडिया के फूड लैंडस्केप को बदलने में मदद करेगा। हम मंदिरों में भी बंटने वाले भोजन  के बारे में सोच रहे है ताकि यह बेकार ना हो।"

कैंपेन के ऑब्जेक्टिव के बारे में बात करते हुए, निधि कुमार ने कहा, “यह पहल 'ईट राइट मूवमेंट'', फूड और न्यूट्रीशन्स के बारे में है। इंडिया के लिए क्या सही भोजन है और हमें अपने और अपने बच्चों के लिए सही फूड हैबिट्स के बारे में सिखाने की जरूरत है।"

“हमें फूड हैबिट्स के बारे में लोगों की मानसिकता को बदलने की जरूरत है। हमें जंक फूड का उपयोग बंद करना चाहिए और नेचुरल भोजन का उपयोग अधिक करना चाहिए। हमें वही भोजन करना चाहिए जो हमारे कांस्टीट्युशन के लिए अच्छा हो। हम इस योजना के तहत 4.2 मिलियन लोगों तक इसे पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं और साथ ही उन्हें किस तरह का भोजन खाना चाहिए, और सही भोजन करने के बारे में जागरूक करने की योजना बना रहे हैं।"

इस इवेंट में रिजवान अदातिया फाउंडेशन के मिस्टर रिज़वान आदातिया और फूड इंडस्ट्री की कई जानी मानी हस्तियां जैसे दास पेंदावाला के मिस्टर बैजू दास और चितले बंधु के मिस्टर गिरीश चितले भी शामिल हुए।

निधि कुमार ने अपने उठाये हुए इस कदम के बारे में बात करते हुए कहा, “साड़ी दुनिया आज योगा, आयुर्वेद, वेगानिज्म और  ईट राइट के बारे में बात कर रही है. वे सभी इंडियन कांसेप्ट हैं और इस पहल का मुख्य उद्देश्य इंडिया के ट्रेडिशनल भोजन को वापस लाना है, और साथ ही लोगों की हेल्दी डाइट करने में भी मदद करना है।”

इस कार्यक्रम में डॉ सुरेश भंडारकर, डॉ स्मिता लेले, डॉ प्रबोध हाल्दे, डॉ सुभा निश्ताला, शेरिल सलिस, मिस्टर सुखविंदर सिंह, करमवीर चक्र अवार्ड के विजेता और फाउंडर व् चेयरमैन (SSLR कंसल्टेंसी), जी रमेशकुमार के साथ ही कई और गेस्ट भी मौजूद रहे।

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